विश्राम घाट / vishramGhat – SBYSS

                                                                    विश्राम घाट

 

श्रीयमुनाजी आरती स्थल विश्राम घाट, मथुरा             

मंगला आरती

ग्रीष्मकाल प्रातः ४.४५

शीतकाल प्रातः ५.१५

संध्या आरती

ग्रीष्मकाल प्रातः ७..३०

शीतकाल प्रातः ७.००

विश्राम घाट, मथुरा में श्री यमुनाजी की आरती

मंगला आरती

ग्रीष्म प्रातः 4.45 बजे

शीत ऋतु प्रातः 5.15 बजे

संध्या आरती

गर्मी साय  7.30 बजे

शीत ऋतु साय  7.00 बजे

 

 

विश्राम घाट उत्तर प्रदेश, भारत के मथुरा नगर में यमुना नदी के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यहां विश्राम घाट के बारे में अधिक जानकारी है:

*1. ऐतिहासिक महत्त्व:

* विश्राम घाट हिंदू पौराणिक कथाओं और परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। कहा जाता है कि यहां भगवान कृष्ण ने राक्षस कंस का वध करने के बाद आराम किया था, इसलिए इसे ‘विश्राम घाट’ कहा जाता है।

*2. तीर्थयात्रा स्थल:

* विश्राम घाट मथुरा में भगवान कृष्ण को श्रद्धालुओं के द्वारा उनकी पूजा अर्चना के लिए अधिकतम महत्व रखता है। यह यमुना नदी के किनारे में स्थित है और भारत और बाहर के अन्य स्थानों से श्रद्धालुओं द्वारा अधिक जाता है।

*3. पवित्र स्नान:

* घाट को पवित्र माना जाता है, जहां तीर्थयात्री अपने पापों को धोने और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करने के लिए यमुना नदी के पावन जल में स्नान करते हैं। विश्राम घाट पर यमुना नदी में स्नान करने से भगवान कृष्ण का आशीर्वाद और दिव्य कृपा प्राप्त होती है।

*4. रीति-रिवाज और धार्मिक कार्यक्रम:

* पूरे दिन विश्राम घाट पर पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। पूजा करने से लेकर आरती करने तक, घाट में ध्यान, भजन और आराधना की ध्वनि सुनाई देती है, जिससे शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।

*5. त्योहार:

* विश्राम घाट का आयोजन त्योहारों के दौरान भी किया जाता है, खासकर कार्तिक पूर्णिमा के महत्वपूर्ण अवसर पर, जब श्रद्धालुओं को भगवान कृष्ण की लीलाओं का आनंद लेने के लिए स्नान करना होता है। त्योहारों जैसे दीपावली और होली के समय भी विश्राम घाट को रंगीन और सजावटी ढंग से सजाया जाता है।

*6. प्राकृतिक सौंदर्य:

* धार्मिक महत्व के अलावा, विश्राम घाट यमुना नदी और आस-पास के परिदृश्य का एक सुंदर दृश्य प्रदान करता है। आगंतुक

राहत का आनंद ले सकते हैं या बस घाट के किनारे बैठकर शांति का आनंद ले सकते हैं, वहां का शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव कर सकते हैं।

विश्राम घाट भक्ति और श्रद्धा के लिए एक अद्वितीय प्रतीक है, जो श्रद्धालुओं और खोजकर्ताओं को भगवान कृष्ण की दिव्य प्रतीति का अनुभव करने और मथुरा के आध्यात्मिक विरासत में भागीदारी करने के लिए आमंत्रित करता है।

 

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