प्रेम मंदिर
भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के समीप वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है।[2] प्रेम मन्दिर का लोकार्पण १७ फरवरी को किया गया था। इस मन्दिर के निर्माण में ११ वर्ष का समय और लगभग १०० करोड़ रुपए की धन राशि लगी है। इसमें इटैलियन करारा संगमरमर का प्रयोग किया गया है और इसे राजस्थान और उत्तरप्रदेश के एक हजार शिल्पकारों ने तैयार किया है। इस मन्दिर का शिलान्यास १४ जनवरी २००१ को कृपालुजी महाराज द्वारा किया गया था।[3] ग्यारह वर्ष के बाद तैयार हुआ यह भव्य प्रेम मन्दिर सफेद इटालियन करारा संगमरमर से तराशा गया है।[2] मन्दिर दिल्ली – आगरा – कोलकाता के राष्ट्रीय राजमार्ग २ पर छटीकरा से लगभग ३ किलोमीटर दूर वृंदावन की ओर भक्तिवेदान्त स्वामी मार्ग पर स्थित है। यह मन्दिर प्राचीन भारतीय शिल्पकला के पुनर्जागरण का एक नमूना है।
इतिहास

प्रेम मन्दिर का मुख्य प्रवेश द्वार
सम्पूर्ण मन्दिर ५४ एकड़ में बना है तथा इसकी ऊँचाई १२५ फुट, लम्बाई १२२ फुट तथा चौड़ाई ११५ फुट है।[3] इसमें फव्वारे, राधा-कृष्ण की मनोहर झाँकियाँ, श्री गोवर्धन लीला, कालिया नाग दमन लीला, झूलन लीला की झाँकियाँ उद्यानों के बीच सजायी गयी है। यह मन्दिर वास्तुकला के माध्यम से दिव्य प्रेम को साकार करता है। सभी वर्ण, जाति, देश के लोगों के लिये खुले मन्दिर के लिए द्वार सभी दिशाओं में खुलते है। मुख्य प्रवेश द्वारों पर आठ मयूरों के नक्काशीदार तोरण हैं तथा पूरे मन्दिर की बाहरी दीवारों पर राधा-कृष्ण की लीलाओं को शिल्पांकित किया गया है। इसी प्रकार मन्दिर की भीतरी दीवारों पर राधाकृष्ण और कृपालुजी महाराज की विविध झाँकियों का भी अंकन हुआ है। मन्दिर में कुल 94 स्तम्भ हैं जो राधा-कृष्ण की विभिन्न लीलाओं से सजाये गये हैं। अधिकांश स्तम्भों पर गोपियों की मूर्तियाँ अंकित हैं, जो सजीव जान पड़ती है। मन्दिर के गर्भगृह के बाहर और अन्दर प्राचीन भारतीय वास्तुशिल्प की उत्कृष्ट पच्चीकारी और नक्काशी की गयी है तथा संगमरमर की शिलाओं पर राधा गोविन्द गीत सरल भाषा में लिखे गये हैं। मंदिर परिसर में गोवर्धन पर्वत की सजीव झाँकी बनायी गयी है।
प्रेम मंदिर वृंदावन समय
प्रेम मंदिर उद्घाटन समय 5.30 बजे है और समापन समय 8.30 बजे है। नीचे की मेज के अनुसार मंदिर के अंदर विभिन्न आरती का प्रदर्शन किया जाता है। आरती के समय मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त इकट्ठे होते हैं। मंदिर के अंदर प्रवेश करने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है और प्रवेश सभी के लिए पूरी तरह से नि: शुल्क है। पूरे मंदिर को कवर करने के लिए कम से कम दो घंटे की आवश्यकता है
Prem Mandir Temple Timings
| Days | Morning | Evening |
| Monday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Tuesday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Wednesday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Thursday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Friday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Saturday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
| Sunday | 8:30 AM to 12:00 PM | 4:30 PM to 8:30 PM |
Prem Mandir Aarti Timings
| Aarti & Bhog | Aarti Timings |
| Aarti and Parikrama | 5:00 AM |
| Bhog and Door Closed | 6:30 AM |
| Darshan and Aarti | 8:30 AM |
| Bhog | 11:30 AM |
| Shayan Aarti and Door Closed | 12:00 PM |
| Aarti and Darshan | 4:30 PM |
| Bhog | 5:30 PM |
| Parikrama | 7:00 PM |
| Shyan Aarti | 8:10 PM |
| Door Closed | 8:30 PM |
Prem Mandir Fountain Show Timing
The Fountain show is been showed at Prem Mandir. Visitors, really enjoy this Music and Laser Light show.
| Months | Time |
| April to September | 7:30 PM to 8:00 PM |
| October to March | 7:00 PM to 7:30 PM |
*प्रेम मंदिर: मथुरा का आत्मीय और आध्यात्मिक केंद्र*

मथुरा, भगवान श्री कृष्ण के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है
लेकिन एक और धार्मिक स्थल है, जिसे ‘प्रेम मंदिर’ के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर भक्तों को आत्मीयता और आध्यात्मिक अनुभव के लिए एक संतोषजनक स्थान प्रदान करता है।
प्रेम मंदिर का निर्माण भगवान श्री कृष्ण के भक्त और आध्यात्मिक गुरु, जगद्गुरु कृपालु महाराज के संदेश के आधार पर किया गया था। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण के प्रेम और भक्ति को उजागर करता है।
प्रेम मंदिर की विशेषता उसकी शैलीकार और संगीत से भरपूर स्थलों में है। प्रेम मंदिर की दीवारों पर कृष्ण के जीवन के अनुकरणीय चित्र खींचे गए हैं, जो भक्तों को उनके जीवन की कहानियों को पुनः जीने का अनुभव कराते हैं।
मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा और भव्य ध्वजासन है, जो भगवान कृष्ण के भक्तों के मन को प्रेरित करता है। मंदिर के आंतरिक स्थलों में एक शानदार स्वर्णिम विग्रह स्थित है, जो भक्तों को आनंद और शांति का अनुभव कराता है।
प्रेम मंदिर का एक और महत्वपूर्ण आकर्षण उसकी रात्रि में आयोजित होने वाली आरती है। यह आरती भक्तों के द्वारा उत्साह और भक्ति के साथ गाई जाती है और एक अत्यंत आनंददायक अनुभव प्रदान करती है।
प्रेम मंदिर का समयिका हर दिन सुबह 5:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक है। इसके अलावा, मंदिर में रोशनी की अद्भुत प्रदर्शनी भी होती है, जो भक्तों को एक आत्मिक अनुभव प्रदान करती है।
समाप्त में, प्रेम मंदिर एक स्थान है जहाँ भक्त अपने आप को भगवान के प्रेम में डूब जाते हैं। यहाँ पर वास्तविकता के अनुभव और ध्यान का स्थान है, जो भक्तों को आध्यात्मिक संदेश और आनंद का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है।
इस धार्मिक स्थल का दौरा करना सचमुच एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो भक्तों को आत्मा की ऊर्जा और शांति का अनुभव कराता है। इसके साथ ही, प्रेम मंदिर एक आध्यात्मिक पर्यटन का भी स्थल है, जो भक्तों को स्थानीय और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षित करता है।
प्रेम मंदिर मथुरा के धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ पर आने वाले भक्तों को न केवल आत्मीयता का अनुभव होता है, बल्कि उन्हें भगवान के प्रेम और शांति का अनुभव भी होता है।
इस प्रेम मंदिर का दौरा करके लोग अपने जीवन में आनंद और शांति का महत्व समझते हैं और आत्मा की ऊर्जा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।
इसलिए, प्रेम मंदिर मथुरा एक स्थान है जो भक्तों को आध्यात्मिकता और भगवान के प्रेम का अनुभव कराता है, और इसे एक आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
इसके साथ ही, प्रेम मंदिर के प्रकाश और आरती का महत्वपूर्ण भूमिका है, जो भक्तों को आध्यात्मिक उत्साह और आनंद देती है। यहाँ के विशाल और प्रभावशाली मंदिर के संगीत, रंगीन प्रदर्शन और आरती का अनुभव अनमोल होता है और भक्तों को भगवान के प्रति अधिक निष्ठा और प्रेम में बढ़ावा करता है।